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यूपी में सीएम के चेहरे पर सस्पेंस कायम, राजनाथ ने चर्चा को बताया ‘फालतू बात’

Thu, 16 Mar 2017 03:21 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
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उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत के बाद चेहरे की तलाश में उलझी भाजपा बुधवार को भी इस बारे में कोई निर्णय नहीं ले पाई। पार्टी में शीर्ष स्तर पर हर तरह से हालात संभालने और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव तक पार्टी का प्रभाव कायम रखने वाले करिश्माई नेतृत्व की तलाश जारी है। नेतृत्व इस मामले में पहली वरीयता ऐतिहासिक जीत की पटकथा लिखने वाले गैर यादव ओबीसी नेता को देगी। 
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इस बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद को सीएम बनाए जाने संबंधी खबरों को ‘फालतू बात’ बताकर इस रेस से खुद के बाहर होने का साफ इशारा कर दिया है। उधर, पर्यवेक्षक बनाए गए वेंकैया नायडू ने मणिपुर जाने के क्रम में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और हवाई जहाज खराब होने के कारण वापस लौटने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। शीर्ष स्तर पर साफ किया गया कि विधायक दल की बैठक बृहस्पतिवार को नहीं होगी।

बैठक शुक्रवार को होने के आसार हैं। इससे पहले संभवत: बृहस्पतिवार तक शाह और पीएम मोदी यूपी के चेहरे पर अंतिम निर्णय ले लेंगे। नेतृत्व की कोशिश अंतिम निर्णय लेने के बाद विधायक दल की बैठक बुलाने की है।
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विधायक दल की बैठक से पहले पर्यवेक्षक बनाए गए नायडू और पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव को बुधवार शाम लखनऊ जाने की चर्चा थी। इसी बीच शाह के मणिपुर जाने के कार्यक्रम के कारण इस दौरे के टलने की बात कही जा रही है। हालांकि शपथ ग्रहण समारोह में शाह के साथ मणिपुर जा रहे नायडू हवाई जहाज खराब होने के कारण वहां नहीं पहुंच सके।

हालांकि, इस दौरान उनकी शाह से और वापस लौटने के बाद प्रधानमंत्री के साथ चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायक दल की बैठक शुक्रवार को होने के आसार हैं। इससे पहले बृहस्पतिवार तक शाह और मोदी चेहरे पर अंतिम निर्णय लेंगे। इसके बाद विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक विधायकों को नेतृत्व की पसंद की जानकारी देंगे।
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इस कारण हो रही देरी

दरअसल शाह और मोदी यूपी के बड़े जनादेश में गैर यादव ओबीसी के योगदान की अनदेखी नहीं करना चाहते। वर्ष 1991 के बाद पहली बार पार्टी को इस वर्ग का एकमुश्त वोट लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिला है। ऐसे में नेतृत्व पहले इसी वर्ग के किसी नेता को सरकार की कमान देना चाहता है। मगर इसके लिए इन्हें ऐसे करिश्माई व्यक्तित्व की तलाश है जो अगले लोकसभा चुनाव तक पार्टी के पक्ष में माहौल को बनाए रख सके। अगर किसी कारण वश इस वर्ग के बदले अगड़ी जाति को कमान दी जाती है तो फिर गैर यादव ओबीसी को साधने के लिए क्या फार्मूला हो, इस पर भी मंथन हो रहा है।

सीएम की चर्चा को राजनाथ  ने बताया फालतू बात
मुख्यमंत्री पद के दावेदार बताए जा रहे गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया। संसद भवन परिसर में मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सब फालतू बातें हैं। इसके अलावा उन्होंने कोई और टिप्पणी नहीं की।

यूपी के बाद उत्तराखंड का फैसला
उत्तराखंड में भी ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली भाजपा उत्तर प्रदेश का निर्णय करने के बाद उत्तराखंड का निर्णय करेगी। इस सूबे में सरकार की कमान किसके पास जाएगी यह यूपी में तय किए गए चेहरे से तय होगा। अगर यहां सीएम पिछड़ी जाति से बना तो त्रिवेंद्र रावत और प्रकाश पंत के बीच कड़ा मुकाबला होगा। ऐसा नहीं होने पर यूपी में जिस बिरादरी को सरकार की जिम्मेदारी मिलेगी, उसी बिरादरी को उत्तराखंड की कमान नहीं दी जाएगी।
 
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