यूपी बोर्ड ने गुरुवार को 10वीं और 10वीं बोर्ड परीक्षा की तारीख घोषित की। इसकी जानकारी होते ही हरकत में आए चुनाव आयोग ने इस पर रोक लगा दिया। इतना ही नहीं आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार और निदेशक माध्यमिक शिक्षा को शुक्रवार को दिल्ली बुला लिया।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिए कि उनकी अनुमति के बिना राज्य बोर्ड परीक्षा के कार्यक्रम जारी न करें। आयोग का कहना है कि विधानसबा चुनाव के मद्देनजर परीक्षा कार्यक्रम उसके परामर्श के बाद ही घोषित होने चाहिए। इसके साथ फिलहाल परीक्षा कार्यक्रम रोकने का निर्देश भी दे दिया।
बताते चलें कि बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षाएं 16 फरवरी से छह मार्च के बीच और इंटरमीडिएट की परीक्षा 16 फरवरी से 20 मार्च के बीच कराए जाने का कार्यक्रम बनाया था। अब इस पर रोक लगने के बाद संभावना जताई जा रही है कि विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम फरवरी में ही न घोषित कर दिए जाएं।