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LIVE: सोनिया गांधी को कांग्रेस का नया अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया, कश्मीर को लेकर उठाई ये मांग

Sat, 10 Aug 2019 11:47 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया
  • कार्यसमिति ने पहले राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने को कहा, लेकिन उन्होंने इनकार किया: सुरजेवाला
  • जम्मू-कश्मीर में सभी विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को हालत का जायजा लेने के लिए जाने देने की मांग उठाई
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सोनिया-राहुल गांधी - फोटो : PTI
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विस्तार
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वेणु गोपाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों के होने और नियमित अध्यक्ष के चुने जाने तक सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभालेंगी। इसके साथ ही प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी की ओर से जम्मू और कश्मीर की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता भी व्यक्त की गई। कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से केंद्र सरकार से सभी विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर में जाकर हालात का जायजा लेने के लिए जाने देने की मांग की गई।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी के नेता केसी वेणुगोपाल ने अंग्रेजी में तीनों प्रस्तावों को पढ़कर जानकारी दी। जबकि रणदीप सुरजेवाला ने उनका हिंदी अनुवाद किया। पहले प्रस्ताव में राहुल गांधी के नेतृत्व की प्रशंसा की गई। पहले प्रस्ताव में राहुल गांधी के नेतृत्व की प्रशंसा की गई। इसके बाद दूसरे प्रस्ताव में राहुल गांधी से अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए कहा गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। ऐसे में सोनिया गांधी के समक्ष अध्यक्ष बनने के लिए प्रस्ताव रखा गया, जिसे उन्होंने कार्यसमिति की अगली बैठक होने तक अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर कार्य करने के रूप में स्वीकार कर लिया।  
 


कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में अध्यक्ष पद पर बने रहने के नेताओं के अनुरोध को राहुल गांधी द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद शनिवार को पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर विस्तृत परामर्श का दौरा चला। सीडब्ल्यूसी की बैठक में सोनिया गांधी को कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा भी पहुंचीं। राहुल गांधी का काफी देर तक इंतजार होता रहा और वह करीब 9.30 बजे बैठक में पहुंचे। 
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सीडब्ल्यूसी बैठक के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, ए के एंटनी, मल्लिकार्जुन खड़गे और ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस दफ्तर पहुंचे। 
 

राहुल गांधी कुछ देर में ही बैठक से बाहर आ गए। राहुल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर चर्चा के लिए मुझे बुलाया गया था। कश्मीर पर प्रेजेंटेशन दिया गया। सरकार बताए कि राज्य में क्या हालात हैं। खबर मिली है कि कश्मीर में कुछ हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं इसी के लिए बैठक में आया था, अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। 

सोनिया-राहुल प्रक्रिया से अलग हुए

इससे पहले आज पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी ने नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया। नए अध्यक्ष को लेकर सुबह हुई सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद नेताओं ने पांच अलग-अलग समूहों में मंथन किया। इन समूहों के परामर्श के आधार पर सीडब्ल्यूसी कोई फैसला करेगी।

राहुल-सोनिया चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं

कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने शनिवार को कहा कि वह और राहुल गांधी पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से बाहर निकलने के बाद सोनिया ने संवाददाताओं से कहा कि अध्यक्ष तय करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है। मैं और राहुल इसका हिस्सा नहीं हो सकते। मेरा नाम बैठक के लिए गलती से शामिल हो गया था।

दरअसल, इस्तीफा देते समय राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अध्यक्ष नहीं बनेगा और वह इसके चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।  सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुरुआत में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, वरिष्ठ अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य नेता शामिल हुए। इस दौरान बैठक में पांच कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां पूरे देश में जाकर कार्यकर्ताओं की राय लेंगी। जिसके बाद से कांग्रेस के अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इसमें से एक कमेटी में सोनिया गांधी का नाम भी शामिल है।

हालांकि कमेटी में नाम शामिल होने पर सोनिया गांधी ने कहा कि वो गलती से छप गया था। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि वह दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड जा रहे हैं। सोनिया और राहुल गांधी के बाहर निकल जाने के बाद फिर से कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुरू हो चुकी है जिसमें प्रियंका गांधी मौजूद हैं।

कमेटियां और सदस्य

पूर्वोत्तर क्षेत्र
अंबिका सोनी, अहमद पटेल, ओमान चांडी, हरीश रावत, दीपक बाबरिया, बालासाहब थोराट, अनुग्रह नारायण सिंह, केएच मुनियप्पा, एल फेलेरियो, मीरा कुमार, अरुण यादव और सचिन राव

पूर्व क्षेत्र
सोनिया गांधी, तरुण गोगोई, कुमारी शैलजा, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, आरपीएन सिंह, पीएल पुनिया, शक्ति सिंह गोहिल, दीपेंद्र हुड्डा और सुस्मिता देव

उत्तरी क्षेत्र
प्रियंका गांधी वाड्रा, अविनाश पांडेय, ताम्रध्वज साहू, रघुवीर मीणा, पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीसी चाको, आशा कुमारी, जी संजीव रेड्डी और रजनी पाटिल

पश्चिमी क्षेत्र
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, एके एंटनी, के सिद्दारमैया, जितिन प्रसाद, कुलदीप विश्नोई, श्रीनिवास बीवी और गौरव गोगोई

दक्षिणी क्षेत्र
मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, अधीर रंजन चौधरी, रणदीप सुरजेवाला, तारिक हमीद कारा, लालजी देसाई, नीरज कुंडल और राजीव सातव


 राहुल का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ, रात आठ बजे फिर होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक

रणदीप सुरजेवाला - फोटो : PTI
कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी की कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की अगली बैठक शनिवार रात आठ बजे तय हुई। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सभी सदस्यों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने और नेतृत्व करने का एक सहमति से आग्रह किया।

उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि आज जब मौजूदा सरकार संवैधानिक प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और संस्थाओं पर आक्रमण कर रही है तो ऐसे समय मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति है। 

उन्होंने कहा कि गांधी ने अपना इस्तीफा वापस लेने से इनकार किया और कहा कि सीडब्ल्यूसी के सदस्यों और दूसरे नेताओं से नए अध्यक्ष को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया जाए। सुरजेवाला ने कहा कि सीडब्ल्यूसी पांच अलग-अलग समूहों में परामर्श कर रही है।

रात आठ बजे सीडब्ल्यूसी की फिर बैठक होगी जिसमें इन समूहों की बातचीत में निकले निष्कर्ष के आधार पर निर्णण लिया जाएगा। सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अभी गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और सीडब्ल्यूसी के विचाराधीन है।
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आसान नहीं कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, युवा और वरिष्ठ नेताओं में टकराव

राहुल गांधी-प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
इतना तय है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा, क्योंकि राहुल साफ कर चुके हैं कि उनके परिवार से इस पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है। सोनिया गांधी को 1998 में अध्यक्ष बनाया गया था और वे दिसंबर 2017 तक पद पर रहीं। गांधी परिवार में राहुल सबसे कम 20 महीनों तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, जितिन प्रसाद जैसे युवा नेताओं ने नए अध्यक्ष के लिए राहुल गांधी की पसंद का समर्थन करने का फैसला किया है। जबकि गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, अहमद पटेल जैसे नेता किसी अनुभवी चेहरे पर दांव लगाने के पक्ष में हैं।

यह भी पढ़ें : आसान नहीं कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव, युवा और वरिष्ठ नेताओं में टकराव, 1967 जैसे हालात संभव

सूत्रों के अनुसार फिलहाल राहुल गांधी की पसंद संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल हैं। उनके नाम पर सहमति न होने पर वे कुमारी सैलजा का नाम आगे कर सकते हैं। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वेणुगोपाल के सामने लोकप्रियता का संकट है। बाहर तो दूर वे गृह राज्य केरल में ही लोकप्रिय नहीं हैं। केरल में उनसे अधिक लोकप्रिय एके एंटनी, रमेश चेन्नीथला, ओमन चंडी और शशि थरूर हैं।

वरिष्ठ नेताओं की पसंद मुकुल वासनिक या मल्लिकार्जुन खरगे हैं। केरल के ताकतवर नायर समुदाय से आने वाले वेणुगोपाल को छोड़कर अन्य तीनों उम्मीदवार दलित समुदाय के हैं। माना जा रहा है कि 59 वर्षीय वासनिक पर दोनों खेमे सहमत हो सकते हैं।

साझे उम्मीदवार पर सहमति न बनने पर कांग्रेस को 1967 की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। तब इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले युवाओं ने के. कामराज, मोरारजी देसाई और नीलम संजीव रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के खिलाफ विद्रोह कर अलग पार्टी बना ली थी।

एक हफ्ते से मोर्चाबंदी तेज

एक सप्ताह से दोनों खेमों में मोर्चेबंदी तेज हो गई है। बुधवार को मुंबई में मिलिंद देवड़ा के निवास पर बैठक हुई। दो दिन वार्ताओं का दौर चला। देशभर से प्रदेश अध्यक्ष और राज्यों के प्रभारी दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, वरिष्ठ नेता भी अपनी रणनीति को धार देने के लिये रात-रात भर बैठकों में व्यस्त हैं।

370 पर बटी पार्टी

अनुच्छेद 370 पर पार्टी वैचारिक आधार पर बंटी हुई है। मिलिंद देवड़ा, जनार्दन द्विवेदी, जितिन प्रसाद, दीपेंद्र हुड्डा जैसे नेताओं ने इस मामले में पार्टी के रुख की कड़ी आलोचना की है। बुधवार को 370 पर बुलाई कार्यसमिति की बैठक में जितिन और आरपीएन सिंह ने पार्टी के फैसलों पर सवाल उठाए। जितिन ने कहा कि यूपी के कार्यकर्ता 370 हटाने के पक्ष में हैं। इस पर पी चिदंबरम ने कहा, उत्तर प्रदेश का अर्थ पूरा देश नहीं है।
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