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साबरमति जेल से रिहा होते ही दूसरे मामले में गिरफ्तार हुए आईएएस प्रदीप शर्मा

Sat, 10 Mar 2018 02:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भावनगर
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प्रदीप शर्मा
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निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने 10 साल पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें अहमदाबाद की साबरमति सेंट्रल जेल से जमानत मिलने के बाद ही एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। शर्मा को गुजरात हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की छानबीन कर रहे मामले में जमानत दी थी। प्रदीप को जेल से बाहर आने के बाद पहले पूछताछ के लिए पकड़ा गया इसके बाद दिन में उन्हें एसीबी ने औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भावनगर में 25 लाख की घूस स्वीकार करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।

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एसीबी के असिस्टेंट कमिश्नर डीपी चूड़ास्मा ने बताया कि अधिकारी ने 25 लाख रुपए की मांग करने के साथ ही उसे एक कॉन्ट्रैक्टर से स्वीकार किया था। घूस उन्होंने तब ली थी जब उनके ऊपर सरकारी स्वामित्व वाली जहाज निर्माण कंपनी अलकॉक एशडाउन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार था। अपनी छानबीन के दौरान सहराज सावरीमत्थू ने अधिकारियों को बताया कि निलंबित अधिकारी ने उससे साल 2007-08 के दौरान लंबित बिलों को क्लीयर करने के एवज में 25 लाख रुपए की घूस ली थी। इस अवधि के दौरान शर्मा भावनगर जिले के कलेक्टर थे।

एसीबी ने कहा- ईडी द्वारा हमें दी गई जानकारी के अनुसार हमने शर्मा के खिलाफ भावनगर में सुबह केस दर्ज किया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। शर्मा पर ना केवल घूस लेने का आरोप है बल्कि सरकारी अधिकारी रहते हुए अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। सोमवार को उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। 

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