अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में भारत के दलवीर सिंह भंडारी का जज के तौर पर दोबारा चयन हो गया है। भंडारी ने शुरू से ही अपने सामने खड़े ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड को कड़ी चुनौती दी थी। फिर आखिरी राउंड में ग्रीनवुड ने अपना नाम वापस ले लिया, जिसके बाद भंडारी को जज चुन लिया गया। भंडारी की जीत को भारत पहले ही एतिहासिक बता चुका है। उनकी इस जीत में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी बड़ा हाथ बताया जा रहा है।
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अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भंडारी की दावेदारी को पुख्ता करने के लिए खुद 60 देशों के अपने समकक्षों से बात की थी। यह काम जून महीने में दलवीर सिंह भंडारी के नाम का प्रस्ताव दिए जाने के बाद से ही शुरू हो गया था।
अधिकारी के मुताबिक, भारत ने शुरू से भंडारी के लिए सघन सकारात्मक अभियान चलाया। विभिन्न स्तरों पर होने वाली बैठकों में हरसंभव तरीके से इस मुद्दे को उठाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुनिया भर के नेताओं के साथ अपनी बैठकों के दौरान भंडारी की उम्मीदवारी के मुद्दे पर बात की। एक अधिकारी ने कहा, भारत ने कभी नकारात्मक अभियान नहीं किया। पूरा अभियान अपने उम्मीदवार की क्षमता और भारत की मजबूत संवैधानिक प्रणाली के दम पर चलाया गया।