लोगों को संबोधित करतीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को जर्मनी के पद्मश्री को वीजा न देने पर मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। महिला ने अपना सम्मान वापस करने की धमकी दी थी। इस महिला का नाम फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग है। वह 61 साल की हैं। उन्हें इस साल गोरक्षा के लिए नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया था।
ब्रूनिंग ने अपने सम्मान को वापस करने की धमकी दी थी क्योंकि उनके भारत में रहने की समयावधि बढ़ाने के आवेदन को विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्वराज ने ट्वीट किया, 'इसे मेरे ध्यान में लाने के लिए धन्यवाद। मैंने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।'
वहीं अपने दूसरे ट्वीट में स्वराज ने उस महिला को मदद का भरोसा दिया जिसके पति और बेटे का पासपोर्ट स्पेन के बार्सिलोना हवाई अड्डे से चोरी हो गया था। जिसके बाद महिला ने मंत्री से मदद की गुहार लगाई थी।
ब्रूनिंग के वीजा की अवधि 25 जून को समाप्त हो रही है। उन्होंने वीजा अवधि बढ़वाने के लिए प्रार्थना पत्र भेजा था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। इस पर उन्होंने कहा था कि जब गायों की सेवा ही छूट जाएगी और मैं जर्मनी वापस चली जाऊंगी तो पद्मश्री सम्मान का क्या करूंगी।
ब्रूनिंग का कहना है कि वो यहां (भारत में) रहकर गोवंश की सेवा करना चाहती हैं। वह जल्द सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली जाएंगी और लंबी वीजा अवधि या फिर भारत की नागरिकता की मांग करेंगी। उन्हें लोग जर्मन माई और 'सुदेवी दासी' के नाम से भी बुलाते हैं।