केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र आम सभा के 71वें अधिवेशन में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना हो गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी में सुषमा यूएन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वह अपने भाषण में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के साक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से साझा करेंगी।
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने शनिवार को कहा कि इंतजार कीजिए सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को करारा जवाब देंगी। विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत के मौजूदा मामले में बहुत सख्ती से, प्रभावी ढंग से और एक स्पष्टवादी तरीके से भारत का दृष्टिकोण रखेंगी। वह पठानकोट हमले के बाद जम्मू एंड कश्मीर के उड़ी में हालिया आतंकी हमले और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले को भी मजबूती से संयुक्त राष्ट्र में उठाएंगी।
विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन से इतर रूस, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ द्विपक्षीय बैठक कर आपसी संबंधों को और मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ मुकाबले में आपसी सहयोग को प्रगाढ़ करने पर जोर देंगी। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ अफगानिस्तान और बांग्लादेश से पहले ही भारत को मजबूत समर्थन मिल चुका है। ये दोनों देश भी पाकिस्तान समर्थित आतंक से पीड़ित हैं।