तीन दिन पहले उसने दुनिया में आंखें खोलीं, लेकिन इस दुनिया की हवा उसे रास नहीं आई। सांस लेना दूभर हो गया। नन्हीं जान को यूं तड़पता देख घरवालों का दिल बैठ गया। दो दिन हो गए थे, इससे ज्यादा देर न करते हुए घरवाले मासूम को अच्छे से अच्छे डॉक्टर के पास ले गए, लेकर मायूसी हाथ लगी। डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। लेकिन शायद ऊपर वाले ने सुन ली। मोदी सरकार को किया गया एक ट्वीट, हजारों में तब्दील हो गया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल पसीजा, और नन्हीं जान के इलाज के लिए देश के सबसे उम्दा मेडिकल संस्थान में इंतजाम हो गया।
बेहद मार्मिक और हैरानी में डालने वाला वाकया मध्यप्रदेश के भोपाल का है। बैंग्लुरू में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर दंपति देवेश शर्मा और वंदना शर्मा के यहां 23 जनवरी को बालक ओम शर्मा का जन्म हुआ। ओम सही से सांस नहीं ले पा रहा था। भोपाल में डॉक्टरों को दिखाने पर पता चला कि उसे धमनियों से संबंधित इंटरवेंट्रीकुलर सेप्टम नामक बीमारी है। इसके लिए सर्जरी ही एक मात्र उपाय जान पड़ा, लेकिन कोई भी डॉक्टर सर्जरी के लिए तैयार नहीं हुआ।
ओम के जन्म लेने के दो दिन बाद यानी 25 दिसंबर को उसके मामा दुष्यंत द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को टैग करते हुए उसकी यथा स्थिति के बारे में सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर ट्वीट किया। करीब 12,000 लोगों ने उनके ट्वीट को शेयर किया।
Baby has critical heart disease.Tweeted PM & Health Min. EAM Sushma Swaraj saw the tweet & helped: Devesh Sharma father of infant airlifted pic.twitter.com/3fgZ52Zy5r
— ANI (@ANI_news) January 27, 2017