सितंबर 2018 में बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण से पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दी। उन्होंने कहा, 'पाक आतंकवाद छोड़ दे। जब सीमा पर जनाजे उठ रहे हों, तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती।' उनके इस भाषण की तारीफ पूरी दुनिया ने की।
उनसे जुड़ा एक ऐसा ही वाकया लोगों के जेहन में अब भी ताजा है। साल 2004 के लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन अटल सरकार की हार हो गई थी और सोनिया गांधी ने नेतृत्व में यूपीए की जीत हुई थी। तब सुषमा स्वराज ने कहा था कि यदि सोनिया गांधी पीएम बनती हैं तो वे अपना सिर मुंडवां लेंगी। सफेद साड़ी पहनेंगी। भिक्षुणी की तरह जमीन पर सोएंगी। सूखे चने खाएंगी।
ज्ञात हो कि यूपीए 1 में तब सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मुहिम चलाई गई थी। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया के प्रधानमंत्री बनने का समर्थन भी किया था। लेकिन ऐन वक्त पर सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया और मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने।