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सुषमा ने कांग्रेस पर लगाया ओछी राजनीति का आरोप, कहा- दुख की घड़ी में हुए अमर्यादित

Tue, 20 Mar 2018 06:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुषमा स्वराज
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लोकसभा के हंगामे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कांग्रेसियों की कड़ी आलोचना की है। इराक में बंधक बनाए गए भारतीयों की मौत की पुष्टि सुषमा सिर्फ राज्यसभा में ही कर पाईं थीं। लोकसभा में जब वो बयान देने पहुंचीं तो कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया, और इसी के चलते सुषमा स्वराज अपना बयान नहीं दे पाईं। इसके बाद सुषमा स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कांग्रेस सदस्यों की आलोचना से अपनी बात शुरू की और इसे कांग्रेस की ओछी हरकत कह दिया।
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मंगलवार सुबह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इराक में बंधक बनाए गए भारतीयों की मौत की पुष्टि की जानकारी दी। सुषमा ने बताया कि वेंकैया नायडू ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सभी दलों से बात हो गई है, और राज्यसभा में उनकी बात सुनी जाएगी। सुषमा ने कहा कि राज्यसभा में उनकी बात सुनी गई इसलिए उन्हें लगा कि लोकसभा में भी उनकी बात शांतिपूर्वक सुनी जाएगी। 

बता दें कि पीएम मोदी ने भी इस घटना पर अपना दुख जताया है। उन्होंने इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिजनों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है। 





कांग्रेस पर अमर्यादित होने का लगाया आरोप

सुषमा ने विरोध का नेतृत्व कर रही कांग्रेस पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि 'सदन में आंध्र प्रदेश के विशेष राज्य की मांग को लेकर हंगामा कर रहे सदस्यों ने बयान के दौरान खामोश रहने का आश्वासन दिया। लेकिन कांग्रेस ने ऐसे संवेदनशील मामले पर भी राजनीति की।' 
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खास तौर से सुषमा स्वराज ने कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। सुषमा स्वराज ने दावा किया कि लोकसभा स्पीकर ने उन्हें बार-बार बैठने के लिए भी कहा लेकिन वो नहीं माने। विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि कांग्रेस हंगामे के दौरान एक दिन भी खड़ी नहीं हुई, लेकिन जब मैं एक संवेदनशील मसले पर आज लोकसभा में बयान देनी लगीं तो वो खड़े हो गए।

 
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इससे पहले सुषमा ने इस बात की पुष्टि करते हुए राज्यसभा में जानकारी दी कि इराक में लापता सभी 39 भारतीयों की आतंकी संगठन आईएसआईएस ने हत्या कर दी है। सुषमा ने कहा कि मारे गए सभी लोगों की डीएनए जांच कराई गई थी। जिसके बाद सभी शवों की पहचान की गई। यह सभी शव पहाड़ी खोदकर निकाले गए थे। बता दें कि ये भरतीय मोसुल से लापता हो गए थे। 

सुषमा स्वराज ने कहा कि इनके शव को अमृतसर लाया जाएगा। विदेश मंत्री ने बताया कि मैंने पिछले साल ही संसद में कहा था कि जब तक मुझे पक्के तौर पर कोई प्रमाण नहीं मिलेगा मैं लापता लोगों को मृत घोषित नहीं करूंगी। कल हमें इराक सरकार की तरफ से सूचना दी गई कि 38 लोगों के डीएनए 100 फीसदी मिल गए हैं और एक व्यक्ति का 70 फीसदी तक डीएनए मिला है।

बता दें कि ये सभी भारतीय 3 साल पहले ISIS द्वारा अगवा किए गए थे। अगवा हुए ज्यादातर लोग पंजाब के रहने वाले थे। इस मामले में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह इराक के मोसुल शहर भी गए थे। जहां वह एक सप्ताह तक इराक के विभिन्न शहरों में घूमते रहे। इसके बाद इराक से लौटने के बाद उन्होंने अपने अनुभवों को फेसबुक पर शेयर किया था। उन्होंने लिखा था कि वह 39 भारतीयों की तलाश के लिए इराक गए थे।  

वहां की सरकार की मदद से लापता लोगों की तलाश शुरू की गई। इराक के उच्चाधिकारियों और विभिन्न संगठनों से विचार-विमर्श कर वह मोसुल शहर भी गए। आईएसआईएस द्वारा इस शहर पर कब्जा किए जाने से पहले भारतीय लोग मोसुल शहर में ही काम करते थे। हाल ही में इराक सरकार ने मोसुल को आईएसआईएस से कब्जा मुक्त कराया है।
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