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Sushant Singh Rajput: 'उद्धव सरकार के लोगों को बचाने के लिए सबूत मिटा दिए गए', सुशांत मामले में भाजपा का बयान

Sun, 23 Mar 2025 12:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भाजपा नेता राम कदम ने कहा, 'इन सबके पीछे उद्धव ठाकरे सरकार और उनके करीबी लोगों को बचाने की हिमाकत है। अगर उद्धव ठाकरे ने सही समय पर केस सीबीआई को सौंप दिया होता, तो सुशांत के परिवार को न्याय जरूर मिलता। अगर आज उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, तो इसके लिए उद्धव ठाकरे सरकार जिम्मेदार है।'
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रिया चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। मामले में पांच साल बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। रिपोर्ट दो मामलों में दाखिल हुई है, जिनमें से एक सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला है, जिसकी शिकायत सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में दर्ज कराई थी। दूसरा मामला ड्रग प्रिस्क्रिप्शन का है, जो सुशांत की कथित प्रेमिका रिया चक्रवर्ती ने सुशांत की बहन के खिलाफ दर्ज कराई थी।

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यह भी पढ़ें: सीबीआई ने आत्महत्या के लिए उकसाने और ड्रग के मामले क्यों बंद किए? क्लोजर रिपोर्ट दाखिल

मामले में भाजपा ने तत्कालीन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। भाजपा नेता राम कदम ने कहा, 'जब पूरा देश सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग कर रहा था, तब उद्धव ठाकरे सरकार ने जानबूझकर लापरवाही बरती। जब बिहार पुलिस जांच के लिए मुंबई आई, तो उन्हें भी रोक दिया गया था। क्या वजह थी?' 
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ये भी पढ़ें- SSR: 'न जहर दिया गया और गला भी नहीं घोंटा गया', सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI की क्लोजर रिपोर्ट में खुलासा

भाजपा ने नेता बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे सरकार के लोगों को बचाने के लिए सभी सबूत मिटा दिए गए। सुशांत के घर का फर्नीचर हटा दिया गया, उसकी रंगाई-पुताई की गई और उसे उसके असली मालिक को लौटा दिया गया। इन सभी बिंदुओं का क्या अर्थ है? ऐसा क्या कारण है कि दिशा सालियान के पिता को ऐसा लग रहा है कि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला? 
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ये भी पढ़ें- सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर रिया चक्रवर्ती के वकील ने दी प्रतिक्रिया, कही ये बात

भाजपा नेता राम कदम ने कहा, 'इन सबके पीछे उद्धव ठाकरे सरकार और उनके करीबी लोगों को बचाने की हिमाकत है। अगर उद्धव ठाकरे ने सही समय पर केस सीबीआई को सौंप दिया होता, तो सुशांत के परिवार को न्याय जरूर मिलता। अगर आज उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, तो इसके लिए उद्धव ठाकरे सरकार जिम्मेदार है।'



14 जून 2020 को अपने घर में मृत मिले थे सुशांत
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी के फंदे पर झूलते पाए गए थे। मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या माना था और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी दम घुटने से मौत की बात कही गई थी। हालांकि, सुशांत की मौत को लेकर कई साजिशों के दावे किए गए और मीडिया में यह मामला काफी चर्चा में रहा था। 

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