सुशांत सिंह राजपूत के परिवार के वकील विकास सिंह ने रविवार को कहा कि वह सीबीआई को सौंपी गई एम्स की चिकित्सीय कानूनी राय से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा, हम सीबीआई प्रमुख से मामले में नई फोरेंसिक टीम गठित करने की मांग करेंगे।
एम्स के मेडिकल बोर्ड पर राजपूत की मौत के मामले में हत्या की आशंका जताते हुए, वरिष्ठ वकील ने कहा कि विशेषज्ञ टीम अभिनेता के शरीर की अनुपस्थिति में निर्णायक राय कैसे दे सकती हैं।
एम्स द्वारा सुशांत की हत्या के दावे को खारिज किए जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने पूछा कि शरीर देखे बिना इस तरह के निर्णय पर कोई कैसे पहुंच सकता है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी ऐसी अधूरी है जिसमें मौत का वक्त तक नहीं, इसके आधार पर किए गए किसी दावे को कितना उचित माना जाए। एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत की मौत लटकने से हुई है और हत्या की आशंकाओं को खारिज करते हुए इसे आत्महत्या बताया गया है।
छह सदस्यीय टीम ने साथ ही जहर देने और गला दबाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। डॉ सुधीर गुप्ता ने कहा कि हमें विसरा रिपोर्ट में जहर या ड्रग्स के कोई नमूने नहीं मिले। सुशांत के शरीर पर कोई चोट का निशान भी नहीं।