आतंकियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए डीएसपी दविंदर सिंह मामले जैसा कुछ अर्धसैनिक बलों में तो नहीं है, इसकी जांच होगी। सीआरपीएफ डीजी डॉ. एके महेश्वरी ने मंगलवार को कहा कि हम इस बाबत निगरानी रखेंगे। कहीं कुछ अंदेशा होता है तो उसकी जांच करा ली जाएगी। कोई व्यक्ति अगर बीमार हो जाता है तो उसके बेहतर ईलाज की संभावनाएं तलाशी जाती हैं। वह बीमारी दोबारा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाता है। कश्मीर में सीआरपीएफ की 60 बटालियन तैनात हैं। वहां हालात सामान्य हैं। जैसे ही सरकार का आदेश होगा, बटालियनों को वापस बुला लिया जाएगा।
बता दें कि जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह, जो अब एनआईए के पास रिमांड पर हैं और उन्हें निलंबित किया जा चुका है, पिछले दिनों वे दो आतंकवादियों के साथ पकड़े गए थे। जिस समय उन्हें पकड़ा गया, उनकी गाड़ी में आतंकी नवीद अहमद शाह व रफी अहमद बैठे हुए थे। डीएसपी दविंदर, आतंकी नवीद और रफी के पास से कई सिमकार्ड भी बरामद किए गए हैं। उनकी जांच हो रही है।देवेंद्र सिंह ने कश्मीर में आर्मी बेस के साथ एक आलीशान कोठी बना रखी है।
आरोप हैं कि डीएसपी देवेंद्र सिंह, पाकिस्तानी आतंकी इरफान के संपर्क में लंबे समय से था। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया था। वहां पर सीआरपीएफ भी लंबे समय से तैनात है और इस बल ने दर्जनों आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा है। कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। पिछले साल पुलवामा में एक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। एक प्रेसवार्ता में डीजी महेश्वरी ने कहा, कि डीएसपी दविंदर का मामला अत्यंत गंभीर है।ऐसी घटनाओं का दोहराव रोकने के लिए सभी बल अपने स्तर पर कुछ न कुछ कर रहे हैं। सीआरपीएफ में विशेष निगरानी बरती जा रही है।