पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य सर्जिकल स्ट्राईक के बाद गोवा के मिस्टर क्लीन से निकलकर रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर की छवि भारत सरकार के कर्तव्यशील चेहरे के रूप में स्थापित हुई है। मगर पारिकर की भावी राजनीतिक पारी गोवा के चुनावी परिणाम पर निर्भर है। गोवा के चुनावी फिंजा में मशगूल रक्षा मंत्री परिकर से संजय मिश्र ने पांच राज्यों के चुनावी माहौल और देश के तमाम ज्वलंत मुदृदों पर विस्तार से चर्चा की। पेश है प्रमुख अंश-
सवाल - बीते दिनों केंद्र सरकार ने सर्जिकल स्ट्राईक और नोटबंदी सरीखे दो बडे़े कदम उठाए। इस कदम का चुनाव में क्या असर होगा।
उत्तर - केंद्र के मुदृदों का सामन्य प्रभाव रहता है। विधानसभा के चुनाव में स्थानिय और प्रादेशिक मुदृदे असर करते हैं। नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राईक केंद्र सरकार के जरिए ये दोनों ही कदम बहुत बड़े और महत्वपूर्ण हैं। देश की जनता पर इनके सकारात्मक प्रभाव हैं। नोटबंदी से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। तो सर्जिकल स्ट्राईक से दुनिया ने हमारी सामरिक शक्ति का लोहा माना है। मगर सर्जिकल स्ट्राईक चुनावी मुदृदा नहीं है। नोटबंदी के नकारात्मकता का गोवा में बहुत कम असर है। यहां आबादी के हिसाब से बैंक की संख्या ज्यादा है।
सवाल - पाकिस्तान ने हाल ही में हमारे गिरफ्तार सैनिक चंदू लाल को छोड़ा है। पाक का ये कदम दोनों देशों के बीच बदलते रिश्तों के संकेत तो नहीं।
उत्तर - चंदू लाल के छोड़े जाने की घटना के मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। यह सामान्य घटना है। भुलवश इधर के सैनिक उधर चले जाते हैं और उधर के सैनिक इधर चले आते हैं। डीजीएमओ स्तर पर ऐसी घटनाओं का निपटान कर लिया जाता है। चंदू की रिहाई का मामला भी ऐसा ही है।