बिहार के 'माउंटेन मैन' दरशरथ मांझी के बारे में कहा जाता है कि वह करीब चार दशक पहले गया से रेलवे लाइन के साथ चलकर नई दिल्ली पहुंचे थे। टिकट के पैसे न होने के कारण मांझी को ऐसा करना पड़ा था। मांझी तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी से मिलकर उन्हें पहाड़ काटकर सड़क बनाने के सपने के बारे में बताना चाहते थे।
पहाड़ काटकर मांझी द्वारा बनाए गए रोड के कारण ही आज उनका गांव गहलोर पड़ोसी शहर और गया से जुड़ पाया है। हालांकि आज भी उनके गांव से रेलवे स्टेशन करीब 8 किलोमीटर दूर जैतियां में है।
रेल मंत्री अब रेलवे को गहलौर तक ले जाना चाहते हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने घोषणा की है कि वह देखेंगे कि क्या वहां तक रेलवे लाइन बिछाई जा सकती है। अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि रेल मंत्री इसका नाम भी मांझी के नाम पर रख सकते हैं।