रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि भारतीय रेलवे अपने सबसे बड़े पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप(पीपीपी) परियोजनाओं की नीलामी की योजना बना रहा है जिसके बाद 30 हजार करोड़ रुपए के न्यूनतम निवेश से देश के 25 सबसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा।
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इकोनॉमिक टाइम्स का खबर के मुताबिक करीब 25 स्टेशनों के लिए नीलामी शुरू होने वाली है। प्रभु ने बताया कि हमने नीलामी करने से पहले कई बड़े रियल इस्टेट एजेंटों से बातचीत की है जो रेलवे भूमि के उपयोग के लिए दीर्घकालिक अनुबंध के बदले में निवेश करने को तैयार हैं।
जिन स्टेशनों का नवीनीकरण सरकार करना चाहती है उसमें बंगलुरु, मुंबई का लोकमान्य तिलक, पुणे, थाणे, विशाखापट्टनम, हावड़ा, इलाहाबाद, कामाख्या, फरीदाबाद, जम्मू तवी, बैंगलौर कंटोनमेंट, भोपाल, मुंबई सेंट्रल, बोरीवली और इंदौर शामिल हैं।
इसमें से कई रेलवे स्टेशन अंतर-शहर यात्रा और उपनगरीय सेवाओं के लिए टर्मिनल प्वाइंट या मुख्य जंक्शन के तौर पर काम करते हैं। ये जंक्शन बाहरी कम्यूटर बेल्ट से मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता को जोड़ते हैं।
प्रभु ने कहा कि सरकार और निजी साझेदार रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए अगले पांच सालों में कम से कम आठ लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम आधारभूत संरचना पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 सालों में हमने लगभग 16 हजार किलोमीटर पटरियों को दोगुना लंबा करने का काम पूरा कर लिया है। पिछले 2 सालों में हमने लगभग 14 हजार किलोमीटर पटरियों के दोहरीकरण की मंजूरी दे दी है और इस पर काम चल रहा है। इससे 2 सालों में रेलवे के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा।
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इसके अलावा रेलवे विज्ञापन के जरिए मुनाफा कमाने की योजना भी बना रहा है। इसके लिए रेलवे ने देशभर में 2 लाख स्क्रीन्स लगाने की योजना बनाई है। इस मेगा एडवरटाईजिंग प्लेटफॉर्म से रेलवे को 10 सालों में करीब 10 हजार करोड़ मुनाफा होने की उम्मीद है।
देश के बड़े रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही यात्रियों को जानकारी देने के लिए विशाल डिजिटल स्क्रीन लगे होंगे। इसके अलावा इस पर विज्ञापन भी दिखाए जाएंगे, जिससे भारतीय रेलवे के राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी।