केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने बुधवार को मीडियाकर्मियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि त्रिशूर रामनिलयम सरकारी अतिथि गृह से बाहर निकलते समय उन्होंने उनका रास्ता रोका। एक सूत्र ने यहां यह जानकारी दी।
सूत्र ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया कि शिकायत में कहा गया है कि पत्रकारों ने अतिथि गृह में उनका रास्ता रोका। इस बीच कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अनिल अक्कारा ने कहा कि उन्होंने त्रिशूर में मीडियाकर्मियों से केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी के बर्ताव को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
अक्कारा ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को त्रिशूर शहर के पुलिस आयुक्त को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी, जिसमें गोपी के खिलाफ पद की शपथ का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्रकारों ने मंगलवार को जब गोपी से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक एम मुकेश के खिलाफ आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था, ‘‘आप (मीडिया) न केवल अपने फायदे के लिए लोगों को आपस में लड़वा रहे हैं, बल्कि जनता को भी गुमराह कर रहे हैं।’’
गोपी ने कहा, ‘‘शिकायतें फिलहाल आरोपों की शक्ल में हैं। आप लोगों को क्या बता रहे हैं? क्या आप अदालत हैं? नहीं, आप नहीं हैं। अदालत फैसला करेगी। अदालत को फैसला करने दीजिए।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा था कि पार्टी का रुख यह है कि मुकेश को इस्तीफा देना चाहिए। टीवी चैनल पर प्रसारित दृश्यों के अनुसार, जब पत्रकारों ने सुरेंद्रन के बयान पर गोपी की टिप्पणी लेनी चाही, तो उन्होंने गुस्से में उनमें से कुछ को कथित तौर पर धक्का दे दिया था।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पत्रकार गोपी की तरफ बढ़े, जब वह अपनी सरकारी गाड़ी में बैठने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान गोपी ने मीडियाकर्मियों को धक्का देते हुए कहा, ‘‘यह क्या है? मेरा रास्ता मेरा अधिकार है। कृपया हटिए।’’ इसके बाद, वह कार में बैठ गए और पत्रकारों के किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना चले गए।