देशभर में इस समय जहां कठुआ में 8 साल की मासूम के साथ गैंगरेप करने के बाद हत्या और उन्नाव में नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप की घटना चर्चा में हैं। वहीं गुजरात के सूरत में 11 साल की बच्ची का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। 10 दिन पहले बच्ची का शव मिला था। उसके साथ बलात्कार और उत्पीड़न के बाद आरोपियों ने मौत के घाट उतार दिया। बच्ची के शरीर पर कम से कम 86 चोटों के निशान मिले हैं। बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स में किसी भारी चीज से चोट पहुंचाने के निशान मिले हैं।
ऑटोप्सी रिपोर्ट के अनुसार ऐसा लगता है कि बच्ची का बलात्कार करने के साथ ही उसे मारने से पहले बुरी तरह से अत्याचार किए गए थे। पुलिस को अभी तक बच्ची की पहचान और आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है। सूरत पुलिस ने रविवार को कई जगहों पर बच्ची की पहचान करने के लिए टीमें भेजीं लेकिन अभी तक पुलिस खाली हाथ है। गुजरात पुलिस ने सूरत में लगभग 1200 और उत्तर गुजरात में 1000 पोस्टर और बैनर लगवाए हैं। गुजरात पुलिस की लगभग 20 टीमें इस मामले की जांच में जुट गई हैं।
सूरत पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने बताया कि उनकी टीमें जिस जगह बच्ची का शव पाया गया था, वहां के 4 किलोमीटर के दायरे में हर एक दरवाजे पर जाकर पूछताछ कर रही हैं। इसके अलावा आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। शर्मा ने आशंका जताई है कि हो सकता है वारदात को कहीं और अंजाम दिया गया हो और शव उस जगह फेंक दिया गया हो। उन्होंने बताया कि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से लापता हुई लगभग 8000 लड़कियों का डाटा खोजा जा चुका है लेकिन इस बच्ची के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। बच्ची की तस्वीरें ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार और दूसरे राज्यों को पहचान के लिए भेज दी गई हैं।
पुलिस ने जहां बच्ची के बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने वाले शख्स को 20,000 रुपये देने का ईनाम घोषित किया है। वहीं स्थानीय डेवेलपर तुषार घेलानी ने बच्ची या आरोपियों के बारे में जानकारी देने वाले शख्स को 5 लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। उनका मानना है कि इतनी बड़ी रकम के लिए कोई ना कोई जानकारी जरूर देगा।