राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने शनिवार को एनडीए में शामिल होने और एनसीपी के साथ विलय की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को किसी भी राजनीतिक दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में सुप्रिया सुले ने कहा कि इस संबंध में पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता से संपर्क नहीं किया गया है।
सुप्रिया सुले ने कहा, "पवार साहब, मैं, जयंत पाटिल, अनिल देशमुख, राजेश टोपे या हमारे किसी भी वरिष्ठ नेता को किसी भी पार्टी की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। न भाजपा, न कांग्रेस और न ही एनडीए के किसी सहयोगी दल ने हमें कोई प्रस्ताव दिया है।"
क्या शरद गुट के सांसद-विधायकों पर है दबाव?
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी के सांसदों और विधायकों पर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने का दबाव है, सुप्रिया सुले ने इससे भी इनकार किया। उन्होंने कहा, "हमारे सभी आठ सांसद लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और शरद पवार साहब के साथ नियमित रूप से चर्चा करते हैं। एक भी सांसद या विधायक ने कभी अलग रास्ता अपनाने की इच्छा व्यक्त नहीं की है। हम जहां हैं, वहीं खुश हैं।"
देर रात हुई बैठकों के बाद तेज हुई थीं अटकलें
शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने की चर्चाओं ने उस समय जोर पकड़ा, जब मुंबई में देर रात एनसीपी (एससीपी) नेता जयंत पाटिल, सत्तारूढ़ एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच बैठक हुई। हालांकि, शरद पवार गुट ने कहा कि ये बैठकें प्रशासनिक मामलों को लेकर थीं, इनका किसी राजनीतिक पुनर्गठन या गठबंधन से कोई संबंध नहीं था।
पार्टी में टूट को लेकर क्या बोले शरद पवार?
पार्टी में संभावित टूट की खबरों के बीच एनसीपी (एससीपी) प्रमुख शरद पवार ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "अभी इस विषय पर बात करने का समय नहीं है।" यह उनके जून महीने के बयान से अलग रुख माना जा रहा है। उस समय उन्होंने कहा था कि जहां शिवसेना (यूबीटी) में विभाजन हुआ है, वहीं उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
परिसीमन विधेयक को लेकर भी अटकलें
यह भी चर्चा है कि लोकसभा में परिसीमन विधेयक पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या जुटाने के उद्देश्य से एनडीए शरद पवार गुट को अपने साथ लाना चाहता है। हालांकि, सुप्रिया सुले ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि एनडीए के साथ किसी तरह का गठबंधन, विलय या पर्दे के पीछे बातचीत नहीं चल रही है।
नाना पटोले ने किया क्या दावा?
इससे पहले शनिवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक नाना पटोले ने कहा कि उन्होंने एनसीपी (एससीपी) विधायक दल के नेता जयंत पाटिल से बात की है। पटोले के अनुसार, जयंत पाटिल ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने कहा, "मैंने कल खुद जयंत पाटिल से बात की थी। उन्होंने कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं और इंडिया गठबंधन के साथ ही रहेंगे। यही उन्होंने मुझसे कहा। ये सिर्फ अटकलें हैं। जहां तक अजित पवार गुट या शरद पवार गुट के विलय की बात है, यह उनका आंतरिक मामला है। कांग्रेस को इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।"