इस संबंध में राज्य विधानसभा और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 22 जनवरी तक जवाब मांगा गया है। विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने क्या दलील दी जानिए।
भाजपा के 12 निलंबित विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। उन्होंने राज्य विधानसभा से एक वर्ष के लिए निलंबित करने के फैसले को चुनौती दी है। सदन में कथित दुर्व्यवहार के मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने इन्हें निलंबित कर दिया था।
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जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह याचिका का परीक्षण करेगी। इस संबंध में राज्य विधानसभा और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 22 जनवरी तक जवाब मांगा गया है। पीठ ने कहा कि याचिका लंबित रहने के दौरान विधायक सजा में छूट के लिए सदन से आग्रह कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायकों के अधिकार को मनमाने तरीके से ‘खत्म’ नहीं किया जा सकता।