जज बीएच लोया के मामले में बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 31 जुलाई को विचार करेगा। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने गत 19 अप्रैल को जज लोया की मौत की निष्पक्ष जांच कराने से इनकार कर दिया था।
बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने पुनर्विचार याचिका दायर पर 19 अप्रैल के फैसले पर पुनर्विचार करने और उसे वापस लेने की गुहार की गई है। एसोसिएशन ने पुनर्विचार याचिका में कहा कि जिला जजों के बयानों पर भरोसा कर सुप्रीम कोर्ट का इस नतीजे पर पहुंचना कि हार्ट अटैक से जज लोया की मौत हुई थी, गलत है।
सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल को कहा था कि जज बीएस लोया की स्वाभाविक मौत हुई थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि चार न्यायिक अधिकारियों के बयान पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं बनता।
शीर्ष अदालत ने जज लोया की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि इनमें कोई मेरिट नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि वास्तव में इन याचिकाओं के जरिये न्यायपालिका को बदनाम करने की कोशिश की गई और न्यायपालिका पर हमले का प्रयास किया गया।
हाई प्रोफाइल सोहराबुद्दीन शेख मामले की सुनवाई कर रहे विशेष जज लोया की 2014 में नागपुर के एक गेस्ट हाउस में कथित हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जज लोया अपने अन्य साथी जजों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने नागपुर गए थे।