बता दें कि पालघर मॉब लिंचिंग मामले में महाराष्ट्र सरकार ने पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि हमने विभागीय जांच के बाद 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराने की बात कही थी। सरकार ने कहा था कि इस मामले की सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों महाराष्ट्र पुलिस से पूछा था कि उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की। साथ ही सीबीआई जांच पर भी सवाल-जवाब किया था। गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपने के बाद संतों ने पालघर मॉब लिंचिंग मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है।
साधुओं ने की थी सीबीआई जांच की मांग
महाराष्ट्र सरकार की जांच पर संदेह जताते हुए साधुओं के रिश्तेदार और जूना अखाड़ा के साधुओं ने सीबीआई और एनआईए जांच की गुहार लगाई थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार, डीजीपी, सीबीआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।