फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Whatsapp पर क्या निजी है और क्या नहीं ये आज तय करेगा सुप्रीम कोर्ट

Mon, 15 May 2017 10:22 AM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन
व्हाट्सऐप की मैसेजिंग पॉलिसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में बड़ा फैसला सुना सकता है। इस मामले की सुनावाई 5 जजों की पीठ करेगी, जो यह तक करेगी कि व्हाट्सऐप पर क्या निजी है और क्या नहीं?
विज्ञापन


दरअसल, मैसेजिंग पॉलिसी के खिलाफ डाली गई याचिका में कहा गया है कि फेसबुक अपने पॉलिसी के अनुसार व्हाट्सऐप यूजर्स के निजी डाटा का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए कर सकता है। याचिका में यह भी बात जोर देकर कहा गया कि इस एप से पर्सनल डाटा पर खतरा रहता है और वे राइट टू प्राइवेसी के खिलाफ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस अमित्व रॉय, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस एमएम शांतानागौदर की बेंच करेगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील हरीश साल्वे ने यूजर्स की प्राइवेसी पर गंभीर चिंता जाहिर की है। इससे पहले हुई सुनावाई में उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून की सख्त जरूरत है, क्योंकि यूजर कुछ भी शेयर करता है, उसे दूसरा देख सकता है।
विज्ञापन


हरीश साल्वे ने कहा संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए सवाल उठाया था कि क्या कोई प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन किसी शख्स की प्राइवेट बातचीत और मैसेज में ताकझांक कर अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है। व्हाट्एप की ओर से कड़ा रूख अपनाया गया है और कहा कि व्हाट्सऐप और फेसबुक की नई प्राइवेसी पॉलिसी से जिन यूजर्स को ये लगता है यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन है तो वे ऐप का इस्तेमाल छोड़ सकते हैं।

बता दें फेसबुक ने व्हाट्सऐप को 2014 में खरीदा था। बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सऐप प्राइवेसी मामले की सुनवाई के लिए 5 जजों की संवैधानिक पीठ बनाने का आदेश दिया है। दरअसल एक जनहित याचिका में कहा गया है कि 2016 में लागू की गई फेसबुक की पॉलिसी के मुताबिक फेसबुक, व्हाट्सऐप यूजर्स के डाटा का अपने पास स्टोर कर रहा है। ऐसे में डाटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें