धारा 498ए के तहत दर्ज अपराध को गैर समझौता योग्य श्रेणी में रखा जाता है। ऐेसे में पक्षकारों के समझौते से मुकदमे को खत्म नहीं किया जा सकता। इस कारण यह मसला बेहद जटिल और महत्वपूर्ण है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा था कि भारतीय दंड संहिता की धारा-498ए गैर समझौता योग्य अपराध होता है, लिहाजा दोनों पक्षों के बीच समझौते से मुकदमे को समाप्त नहीं किया जा सकता। गैर समझौता योग्य अपराध राज्य सरकार के खिलाफ होते हैं।