सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह यह जांच करेगा कि क्या शैक्षणिक संस्थान और विश्वविद्यालय उपभोक्ता कानून के दायरे में आते हैं या नहीं? कोर्ट ने कहा, इस मुद्दे को लेकर अब तक अलग-अलग मत रहे हैं।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने मनु सोलंकी व सेलम की विनायक मिशन यूनिवर्सिटी के अन्य मेडिकल छात्रों की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया।
इस याचिका में छात्रों ने विश्वविद्यालय की सेवाओं पर सवाल उठाया है।
पीठ ने कहा, चूंकि इस मुद्दे पर शीर्ष कोर्ट के अलग-अलग मत हैं। इसलिए इस मामले पर सुनवाई होनी चाहिए। पीठ ने अपने 15 अक्तूबर के आदेश में विश्वविद्यालय के वकील सौम्यजीत को छह हफ्तों के अंदर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निस्तारण आयोग के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर विश्वविद्यालय का जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।