सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी विधायक पत्नी निर्मला देवी की जमानत रद्द करने की चेतावनी दी। साव और उनकी पत्नी साल 2016 दंगा मामले में आरोपी हैं। इन दोनों पर जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने और ट्रायल जज के सामने पेश नहीं होने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी झारखंड के पूर्व मंत्री की जमानत रद्द करने की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने दंपती से अगली सुनवाई पर इस संबंध में दलील देने को कहा है कि क्यों ने उन दोनों की जमानत रद्द कर दी जाए। जस्टिस एसए बोबाडे और एल नागेश्वर राव ने कहा कि दंपती को इस मामले में और स्थगन नहीं दिया जाएगा।
पीठ ने 15 जनवरी को मामले की सुनवाई की तारीख तय की। पीठ ने पूर्व मंत्री के वकील से कहा, ‘यदि यह पाया गया कि आपने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है तो हम आपकी जमानत रद्द कर देंगे। अगली सुनवाई पर अपनी दलील की तैयारी के साथ आए कि क्यों न आपकी जमानत रद्द कर दी जाए।’