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UPSC Cheating Case: यूपीएससी मामले में पूजा खेडकर की 'सुप्रीम' राहत बढ़ी, 17 मार्च तक गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक

Fri, 14 Feb 2025 12:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, नई दिल्ली

सार

इससे पहले शीर्ष अदालत ने 15 जनवरी को खेडकर की अग्रिम जमानत की याचिका पर दिल्ली सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को नोटिस जारी किया था। 
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सुप्रीम कोर्ट पहुंची पूर्व आईएएस प्रशिक्षु - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व आईएएस प्रोबेशनर पूजा खेडकर को दी गई राहत बढ़ा दी। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी से सुरक्षा 17 मार्च तक बढ़ा दी है। उन पर सिविल सेवा परीक्षा में धोखाधड़ी,  ओबीसी और दिव्यांगता कोटे का गलत लाभ उठाने का आरोप है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने खेडकर को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।

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न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने पूजा खेडकर को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का अनुरोध किया था। खेडकर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि पुलिस उन्हें जांच के लिए नहीं बुला रही है, जबकि वह आने के लिए तैयार हैं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने एएसजी को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

इससे पहले शीर्ष अदालत ने 15 जनवरी को खेडकर की अग्रिम जमानत की याचिका पर दिल्ली सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को नोटिस जारी किया था। उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है। कोर्ट ने पूजा खेडकर के खिलाफ प्रथम दृष्टया मजबूत मामला पाया था। कोर्ट ने कहा था कि व्यवस्था में हेरफेर करने की बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए जांच की जरूरत है।
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पूजा खेडकर को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण तब दिया गया था, जब हाईकोर्ट ने 12 अगस्त 2024 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया था और इसे समय-समय पर बढ़ाया गया था। कोर्ट ने कहा था कि यूपीएससी परीक्षा सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा है और यह मामला एक संवैधानिक निकाय एवं समाज के साथ धोखाधड़ी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

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