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Supreme Court: नाबालिग के अपहरण मामले में तमिलनाडु के विधायक को राहत; उमर खालिद की याचिका पर कल सुनवाई

Thu, 11 Sep 2025 08:13 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के केवी कुप्पम से विधायक 'पूवई' जेगन मूर्ति को एक नाबालिग के अपहरण के मामले में दी गई गिरफ्तारी से अंतरिम राहत को आगे बढ़ा दिया है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने कहा, पहले दिया गया अंतरिम आदेश जारी रहेगा।
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इससे पहले 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने विधायक को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। कोर्ट ने कहा था, इस बीच अगर याचिकाकर्ता को गिरफ्तार किया जाता है… तो उसे 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया जाएगा, बशर्ते वह जांच में सहयोग करे और गवाहों को न धमकाए या सबूत से छेड़छाड़ न करे। 

बेंच विधायक मूर्ति की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। विधायक ने दलील दी कि अगवा किया गया नाबालिग बरामद हो गया था और उसे उनके कब्जे से नहीं बरामद किया गया था। मूर्ति ने यह भी दावा किया कि राजनीतिक दुर्भावना के कारण इस मामले में उसे फंसाया गया है।
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क्या था पूरा मामला
यह मामला लक्ष्मी नाम की महिला की आपराधिक शिकायत से जुड़ा है, जिसका बड़ा बेटा कथित रूप से एक लड़की के साथ भाग गया था। लक्ष्मी ने तिरुवल्लूर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया कि लड़की के परिवार के लोग कुछ बदमाशों के साथ मिलकर उसके घर पहुंचे और उसके बड़े बेटे की तलाश की। जब वह नहीं मिला, तो उन्होंने उसके छोटे बेटे (18 वर्षीय) का अपहरण कर लिया और बाद में उसे एक होटल के पास घायल अवस्था में छोड़ दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अगर विधायक (याचिकाकर्ता) ने उस विवाद में शामिल किसी पक्ष से बातचीत की भी हो, तो इसे यह नहीं माना जा सकता कि वह अपराध में शामिल था। यह बातचीत शायद विवाद सुलझाने के लिए की गई हो। इसलिए अदालत ने कहा कि उसे पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी नहीं है।

उमर, शरजील और गुलफिशा की जमानत याचिका पर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 12 सितंबर को 2020 दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम और गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन तीनों कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि ये फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के पीछे साजिश में शामिल थे। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजरिया की बेंच 12 सितंबर को इनकी जमानत याचिकाओं की सुनवाई करेगी। ये याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट के दो सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की गई हैं।
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भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच रद्द करने की याचिका पर तत्काल सुनवाई से सुप्रीम इन्कार
 एशिया कप टूर्नामेंट में 14 सितंबर के भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को रद्द करने की मांग वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से सुप्रीम कोर्ट ने इन्कार कर दिया है। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को याचिका का उल्लेख किया गया। जस्टिस माहेश्वरी ने कहा, इतनी जल्दी क्या है? यह मैच होने दीजिए। वकील ने कहा, मामला शुक्रवार को सूचीबद्ध नहीं हुआ तो याचिका निरर्थक हो जाएगी। इस पर पीठ ने कहा, मैच इस रविवार को है? इसमें हम क्या कर सकते हैं? इसे होने दीजिए। वकील ने दलील दी कि उनका मामला अच्छा हो या बुरा, लेकिन सूचीबद्ध तो होना चाहिए।

हालांकि, जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि मैच होना चाहिए। याचिका चार विधि छात्रों ने दायर की है। उनका तर्क है कि पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का पाकिस्तान के साथ मैच खेलना राष्ट्रीय हित के विरुद्ध है।
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