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SC Updates: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वैवाहिक मामलों में मध्यस्थता के बारे में गलतफहमी, इसका मतलब समाधान निकालना

Fri, 27 Jun 2025 05:42 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक मामलों में मध्यस्थता की अवधारणा के बारे में गलतफहमी है और अकसर यह माना जाता है कि मध्यस्थता का मतलब है कि पक्षों को एक साथ रहना होगा। जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह ने स्थानांतरण याचिका पर यह टिप्पणी की।

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जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि वैवाहिक मामलों में हम पाते हैं कि मध्यस्थता की अवधारणा पर गलतफहमी है। जब हम मध्यस्थता की बात करते हैं तो लोग सोचते हैं कि हम उन्हें एक साथ रहने के लिए कह रहे हैं। हमें इस बात से कोई मतलब नहीं कि वे एक साथ हैं या अलग-अलग। उन्होंने कहा कि हम बस इस मामले का समाधान चाहते हैं। हम चाहेंगे कि वे एक साथ रहें। पीठ ने वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 का हवाला दिया, जिसमें संस्था-पूर्व मध्यस्थता और समझौते की बात कही गई है। पीठ ने कहा कि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम में भी आपको इस प्रक्रिया से गुजरना होगा।

मराठा आरक्षण पर रोक की मांग वाली अर्जी पर जुलाई में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया। शीर्ष अदालत इस याचिका पर अगले महीने जुलाई में सुनवाई करेगी। जस्टिस केवी विश्वनाथन और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ के समक्ष दाखिल याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि वह जुलाई में अदालत के दोबारा खुलने पर मराठा आरक्षण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर विचार करेगी। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है।
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आरोपी को गिरफ्तारी का आधार नहीं बताने के मामले की होगी सुप्रीम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कर्नाटक पुलिस की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें हत्या के एक मामले में आरोपी की हिरासत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसे गिरफ्तारी के आधार के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। जस्टिस के वी विश्वनाथन और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि मामले पर विचार करने की जरूरत है और स्थगन के आवेदन पर नोटिस जारी किया। कर्नाटक हाईकोर्ट ने 17 फरवरी, 2023 को ट्रायल कोर्ट के रिमांड आदेश को खारिज कर दिया और कुछ शर्तों के अधीन व्यक्ति को हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया। 
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