गुजरात विध्वंस : अवमानना कार्रवाई की याचिका पर तीन हफ्ते बाद सुप्रीम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट गिर सोमनाथ जिले में बिना पूर्व अनुमति के आवासीय और धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए गुजरात अधिकारियों के खिलाफ अवमानना समेत अन्य याचिकाओं पर तीन हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। जस्टिस बीआर गवई व जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ के समक्ष आया तो उसने कहा कि मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद गैर-विविध दिन पर की जाएगी। इस मामले में पेश वकीलों में से एक ने कहा कि उन्होंने 1 फरवरी से 3 फरवरी तक उर्स उत्सव आयोजित करने की अनुमति के लिए आवेदन दायर किया है। वकील ने कहा कि वहां सैकड़ों वर्षों से उर्स उत्सव मनाया जाता रहा है। हालांकि उन्होंने 13 जनवरी को पुलिस से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर लीक की जांच वाले मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम रोक
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय की छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर लीक होने की विभागीय जांच वाले मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगा दी। जस्टिस बीवी नागरत्ना व जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले में राज्य पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट की कुछ टिप्पणियों पर भी रोक लगा दी। पीठ ने 28 दिसंबर 2024 के आदेश में हाईकोर्ट की ओर से पुलिस के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के यौन उत्पीड़न की जांच के लिए तीन महिला आईपीएस अधिकारियों वाली एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन और पीड़िता को तत्काल 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया था।
1 अप्रैल 2019 से पहले बेचे गए वाहनों पर भी लगेंगे कलर कोडेड स्टिकर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ईंधन के प्रकार को दर्शाने वाले रंग-कोडित स्टिकर लगाने का उसका निर्देश 1 अप्रैल, 2019 से पहले खरीदे गए और एनसीआर राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगा। जस्टिस अभयएस ओका और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने एनसीआर क्षेत्र में 1 अप्रैल 2019 से पहले बेचे गए सभी वाहनों को शामिल करने के अपने 13 अगस्त 2018 के आदेश को संशोधित किया। पीठ ने कहा, यह आदेश एनसीआर क्षेत्र के सभी वाहनों के लिए लागू था और इसका कार्यान्वयन 2 अक्तूबर 2018 तक किया जाना था। हम 13 अगस्त, 2018 के आदेश को संशोधित करते हैं। निर्देश देते हैं कि 1 अप्रैल, 2019 से पहले बेचे गए वाहनों पर उक्त आदेश के प्रावधान लागू होंगे। 1 अप्रैल, 2019 को या उसके बाद बेचे गए वाहनों के मामले में जो आदेश के प्रावधानों का पालन नहीं करने वालों पर एमवी अधिनियम, 1988 की धारा 192 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पीठ ने कहा कि उसके आदेश के अनुसार होलोग्राम आधारित हल्के नीले रंग के स्टिकर पेट्रोल और सीएनजी ईंधन से चलने वाले वाहनों में इस्तेमाल किए जाएंगे, जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों पर नारंगी रंग का स्टिकर लगाया जाएगा।