पांच उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थायीकरण की सिफारिश
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पांच उच्च न्यायालयों में नई नियुक्तियों और स्थायीकरण को मंजूरी दे दी है। कॉलेजियम ने अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति को भी मंजूरी दे दी है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ सहित तीन सदस्यीय कॉलेजियम ने सोमवार को हुई एक बैठक में नियुक्तियों और स्थायीकरण की सिफारिश करते हुए पांच अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए।
- हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में कॉलेजियम ने दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं जिया लाल भारद्वाज और रोमेश वर्मा को न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने को मंजूरी दी। कर्नाटक उच्च न्यायालय के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी गई। ये हैं- गीता कदबा भरतराज शेट्टी, मुरलीधर पाई बोरकट्टे और त्यागराज नारायण इनावली।
- कॉलेजियम ने वर्तमान में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत न्यायमूर्ति कुरुबरहल्ली वेंकटरामरेड्डी अरविंद को भी न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के रूप में मंजूरी दी। त्रिपुरा उच्च न्यायालय में कॉलेजियम ने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत न्यायमूर्ति बिस्वजीत पालित को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की।
- मद्रास उच्च न्यायालय में भी नियुक्ति की पुष्टि हुई, जहां कॉलेजियम ने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्यरत न्यायमूर्ति एन सेंथिलकुमार और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन को न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की।