सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पट्टे पर देने के भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) के फैसले के खिलाफ केरल सरकार की याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित और बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने यह कहते हुए फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि कंपनी अक्टूबर 2021 से हवाई अड्डे का प्रबंधन और संचालन कर रही है और इस स्तर पर हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस भूमि पर हवाईअड्डा स्थित है, उसके स्वामित्व का प्रश्न खुला रहेगा।
पिछले साल फरवरी में केरल सरकार ने अदाणी समूह को 50 वर्षों के लिए हवाई अड्डे के संचालन, प्रबंधन और विकास की अनुमति देने के एएआई के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था। केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी जिसने राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। राज्य द्वारा संचालित केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) ने आयोजित बोली में भाग लिया, लेकिन अदाणी एंटरप्राइजेज ने सबसे अधिक बोली लगाई और फरवरी 2019 में बोली जीती।
केरल सरकार ने एएआई के निर्णय को एक निजी पार्टी को तरजीह देने के लिए मनमाना करार दिया था और अदाणी एंटरप्राइजेज द्वारा उद्धृत समान वाणिज्यिक दरों पर हवाई अड्डे के संचालन और प्रबंधन के लिए केरल सरकार की पेशकश की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। सरकार ने यह भी तर्क दिया था कि उसे हवाई अड्डों के प्रबंधन को संभालने का अनुभव है। अदाणी एंटरप्राइजेज को हवाई अड्डों को संभालने का कोई पिछला अनुभव नहीं है और एएआई के फैसला जनहित में नहीं है।