सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें टीएमसी नेता मुकुल रॉय को दलबदल कानून के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया था। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने मुकुल रॉय के पुत्र सुभ्रांशु रॉय की ओर से दायर याचिका पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और भाजपा विधायक अंबिका रॉय को नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट के आदेश के संचालन को फिलहाल स्थगित कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना विधानसभा स्पीकर से कहा कि वे दो सप्ताह के भीतर अदालत को यह जानकारी दें कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) के उन विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, जो दल बदलकर सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ए.जी. मसीह की पीठ ने स्पीकर को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए इसे अंतिम अवसर बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार फार्मासिस्ट कैडर नियम, 2014 के उस प्रावधान को वैध माना, जिसके अनुसार फार्मासिस्ट पद के लिए न्यूनतम योग्यता 'फार्मेसी में डिप्लोमा' होना आवश्यक है। कोर्ट ने बी-फार्मा/एम-फार्मा डिग्री धारकों की चुनौती खारिज कर दी, जिन्होंने डिप्लोमा न होने के कारण अपनी भर्ती में शामिल न किए जाने का विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य द्वारा 10+2 और फार्मेसी डिप्लोमा को न्यूनतम योग्यता तय करना तर्कसंगत है और इसे मनमाना नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि फार्मासिस्ट सरकार के स्वास्थ्य प्रणाली का अहम हिस्सा हैं। सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फार्मासिस्ट को दवाओं के प्रबंधन, वितरण, स्टॉक रखरखाव, रोगी परामर्श और नियामक नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इसलिए राज्य द्वारा योग्य उम्मीदवारों का चयन करना उचित है।