सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ के आरोपों को आधार बनाते हुए मामले की जांच की मांग की गई थी। पीआईएल में कहा गया था कि कोर्ट को इस मामले में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केरल के मुल्लापेरियार बांध की जगह नए बांध के निर्माण के मांग वाली जनहित याचिका पर भी सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, केरल सरकार, तमिलनाडु सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने सेव केरल ब्रिगेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान चारों पक्षों से जवाब मांगा। इसमें कहा गया था कि 130 साल पुराने ब्रिटिश काल में बने बांध के आसपास 1 करोड़ से ज्यादा लोग रह रहे हैं। ऐसे में इस पुराने बांध की जगह अब एक नया बांध बनना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की एशियन पेंट्स की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एशियन पेंट्स की उस याचिका को खारिज कर दिया। एशियन पेंट्स ने भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश को चुनौती दी थी। सीसीआई ने आदेश दिया था कि एशियन पेंट्स पर जांच शुरू की जाए क्योंकि उस पर शक है कि उसने अपने मजबूत बाजार के फायदे का दुरुपयोग किया है, खासकर सजावटी पेंट्स के निर्माण और बिक्री में। न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और विजय बिश्नोई की एक बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें सीसीआई की जांच को सही ठहराया गया था।
कल सहारा कंपनी की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सहारा इंडिया वाणिज्यिक निगम लिमिटेड (एसआईसीसीएल) की याचिका पर सुनवाई करेगा। एसआईसीसीएल ने महाराष्ट्र के अम्बी वैली और लखनऊ के सहारा शहर सहित कई संपत्तियां अदाणी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की अनुमति मांगी है। शीर्ष कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, एक विशेष बेंच मंगलवार को दोपहर दो बजे इस याचिका पर सुनवाई करेंगी। बेंच में मुख्य न्यायाधीश बीआर गावई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत व एमएम सुंद्रेश शामिल हैं। सोमवार को एक वकील ने सहारा समूह की एक कंपनी के कर्मचारियों की सैलरी जारी करने की अलग याचिका की सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सहारा कम्युनिकेशंस के कर्मचारियों की सैलरी 2014 से रोकी हुई है। सहारा की संपत्तियों के एक खरीदार का प्रतिनिधित्व कर रहे एक अन्य वकील ने बाजार नियामक सेबी को कुछ संपत्तियों की बिक्री से जुड़े दस्तावेज जारी करने का निर्देश देने के लिए एक याचिका भी सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
अधिग्रहित जमीन औद्योगिक इकाइयों को वापस नहीं दी जाएगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राहत दी है। शीर्ष कोर्ट ने फैसला सुनाया कि टाटा मोटर्स की कार परियोजना के लिए सिंहूर में अधिग्रहित जमीन उन औद्योगिक इकाइयों को वापस नहीं दी जाएगी, जो अधिग्रहण से पहले वहां काम कर रही थीं।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने 2016 में केदारनाथ यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की व्याख्या की, जिसमें टाटा मोटर्स की निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था। बेंच ने कहा कि 2016 का फैसला इस आधार पर था कि अधिग्रहण ने आर्थिक संसाधन और सरकारी कार्यवाही को चुनौती देने की संस्थागत पहुंच से वंचित कमजोर समुदायों को असमानुपाती ढंग से प्रभावित किया था। बेंच ने गौर किया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया था कि वह मूल जमीन मालिकों या किसानों को 12 सप्ताह के भीतर जमीन वापस करे।
बेंच ने कहा, जब कुछ वर्गों के सामने सामान्य उपायों तक पहुंचने में प्रणाली में बाधाएं होती हैं, तब असाधारण न्यायिक दखल जरूरी होता है, न कि तब जब पक्षों के पास अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने के लिए दी गई राहत व्यावसायिक कंपनियों तक नहीं बढ़ाई जा सकती जो वित्तीय और संस्थागत रूप से सक्षम हैं।