शीर्ष अदालत के बार काउंसिल से जुड़े निर्देश पर SCBA असहमत
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें कहा गया है कि वकीलों के निकाय की कार्यकारी समिति में महिलाओं के लिए पद आरक्षित करने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश उसकी स्वतंत्रता को प्रभावित करता है। साथ ही यह भी बताया गया 2 मई का आदेश शीर्ष अदालत ने एससीबीए नियमों पर विचार किए बिना अपने आप पारित कर दिया था। एसोसिएशन के प्रस्ताव में कहा गया कि इस मामले में एक बैठक आयोजित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा था कि एससीबीए के आगामी चुनावों में कोषाध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाए। साथ ही यह भी कहा कि वकीलों के निकाय की कार्यकारी समिति में कम से कम एक तिहाई सीटें आरक्षित करनी होंगी। इसके अगले ही दिन एससीबीए द्वारा यह प्रस्ताव पारित किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें अधिकारियों को चंडीगढ़-मोहाली सड़क को खाली करने के लिए कहा गया था। दरअसल प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा सड़क को अवरुद्ध किया गया था। न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने पंजाब सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया। इसके अलावा याचिका दायर करने वाले एक गैर सरकारी संगठन, केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह पंजाब सरकार के रुख का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई जाए।