126 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी की याचिका पर ईडी को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों के 126 करोड़ रुपये के फंड में हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोएडा की रियल एस्टेट कंपनी के मुख्य प्रमोटर अनिल मिठास की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने अनिल मिठास की याचिका पर नोटिस जारी किया। मिठास ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 16 सितंबर को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि व्हाइट कॉलर क्राइम (आर्थिक अपराध) बहुत व्यापक हो चुके हैं और कॉरपोरेट धोखाधड़ी, गबन एवं वित्तीय हेराफेरी लोगों की गाढ़ी कमाई को तबाह कर देती है। कोर्ट ने माना कि 126.30 करोड़ रुपये की हेराफेरी के गंभीर आरोपों को देखते हुए यह जमानत देने का उपयुक्त मामला नहीं है। यह मामला उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लि. की अरण्य परियोजना के लिए घर खरीदारों से जुटाए गए धन के डायवर्जन से जुड़ा है। यूपी सरकार की गठित एसआईटी की एफआईआर के आधार पर ईडी ने 16 अप्रैल 2025 में मिठास को हिरासत में लिया था।