सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। दरअसल, इस याचिका में केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को राष्ट्रविरोधी नारों और भाषणों से संबंधित सामग्री और मीम्स की पहचान कर उन्हें हटाने और ब्लॉक करने से संबंधित था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने अहमदाबाद स्थित याचिकाकर्ता हितेंद्र कुमार परसोत्तमभाई गधिया की ओर से पेश हुए वकील बरुण सिन्हा की दलीलों से असहमति जताई। पीठ ने सोशल मीडिया सामग्री से संबंधित एक अन्य लंबित याचिका के साथ इस याचिका को जोड़ने से भी इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'आप वैकल्पिक उपायों का सहारा ले सकते हैं।'