सुप्रीम कोर्ट में आज कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों पर सुनवाई होने जा रही है, जिनका असर देश की चुनावी प्रक्रिया, न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पड़ सकता है।
मतदाता सूची संशोधन पर अंतिम सुनवाई
सबसे अहम मामलों में चुनाव आयोग द्वारा विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शामिल है। इस मामले पर कोर्ट का फैसला आने वाले चुनावों की दिशा तय कर सकता है।
चैतन्य बघेल के मामले में भी सुनवाई
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट आज छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जो एक भ्रष्टाचार मामले से जुड़ी है।
महिला वकीलों को आरक्षण पर भी बहस
कोर्ट में एक और महत्वपूर्ण याचिका राज्य बार काउंसिल की कार्यकारिणी समितियों में महिला वकीलों को आरक्षण देने से जुड़ी है। यह मामला न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जेलों की हालत पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट एक स्वतः संज्ञान मामले की भी सुनवाई करेगा, जो देशभर की 1382 जेलों में कथित अमानवीय हालात से संबंधित है। इस केस में कैदियों की स्थिति, बुनियादी सुविधाएं और मानवाधिकारों से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।