फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मणिपुर: यौन हिंसा केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त; पीड़ित गवाहों की गवाही पर दिया बड़ा आदेश

Mon, 05 Oct 2026 01:54 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट अपडेट - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर यौन हिंसा मामले में सीबीआई और ट्रायल कोर्ट को दो प्रमुख पीड़ित-गवाहों की अदालत में पेशी और उनकी गवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि मुकदमे की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि दोनों पीड़ित-गवाह 7, 9 और 28 अक्टूबर को तय तारीखों पर ट्रायल कोर्ट के सामने पेश हों और उनके बयान दर्ज किए जाएं। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि आरोपियों के जमानत पर बाहर रहने से गवाहों के बयान देने की इच्छा प्रभावित हो सकती है। वहीं, पीड़ित की ओर से बताया गया कि पिछली तारीख सार्वजनिक अवकाश होने के कारण केंद्र बंद थे और एक पीड़िता डेंगू से पीड़ित थी।

विज्ञापन


'गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी'
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। CJI ने कहा कि यदि जमानत की सुविधा का दुरुपयोग होता है तो अदालत इस पर विचार कर सकती है। पीठ ने संकेत दिया कि आरोपियों की जमानत रद्द करने के मुद्दे पर दोनों पीड़ित-गवाहों की गवाही दर्ज होने के बाद विचार करना उचित होगा। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को भी आदेश का पालन करने और सभी पक्षों को पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया। यह मामला 2023 के मणिपुर जातीय हिंसा से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का हिस्सा है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें