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Supreme Court: 100% फीस वृद्धि वाली याचिका पर 'सुप्रीम' सुनवाई, दिल्ली सरकार-निजी स्कूलों से मांगा जवाब

Fri, 10 Oct 2025 07:41 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Supreme Court: राजधानी दिल्ली में 100 फीसदी फीस वृद्धि वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने दिल्ली सरकार और निजी स्कूलों से जवाब मांगा है। 
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 अक्तूबर) को दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय राजधानी के गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के एक निकाय से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें शिक्षा निदेशालय की अनुमति के बिना 100 प्रतिशत फीस वृद्धि का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता नया समाज अभिभावक संघ के वकील ने शीर्ष अदालत को बताया कि स्कूलों को दिल्ली सरकार से रियायती दर पर इस शर्त पर जमीन मिली है कि किसी भी फीस वृद्धि के लिए शिक्षा निदेशालय (डीओई) की मंजूरी लेनी होगी।
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दिल्ली सरकार-निजी स्कूलों के संगठन को नोटिस जारी
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने प्रतिवादी 'एक्शन कमेटी अनएडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स' के वकील से पूछा कि आप इससे कैसे निपटेंगे? साथ ही पीठ ने याचिका पर भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और निजी स्कूलों के संगठन को नोटिस जारी किया है।

डीपीएस का उठा मुद्दा, लगाई फटकार
न्यायालय ने इस दलील पर गौर किया कि द्वारका स्थित डीपीएस लगभग 30 छात्रों को बढ़ी हुई फीस ना चुकाने पर दंडित कर रहा है और उन्हें अपनी कक्षाओं के बजाय पुस्तकालय में बैठाया जा रहा है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, "आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?" और निर्देश दिया कि उन्हें कक्षाओं में आने की अनुमति दी जाए।
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अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित
स्कूल की ओर से पेश एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने पीठ को आश्वासन दिया कि ऐसा नहीं होगा। पीठ ने अब याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका द्वारा फीस विवाद को लेकर कुछ छात्रों के संस्थान में प्रवेश को शारीरिक रूप से रोकने के लिए "बाउंसरों" को नियुक्त करने के कथित आचरण पर निराशा व्यक्त की थी।
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