सुप्रीम कोर्ट 2012 में केरल में दो मछुआरों की हत्या में आरोपी इतालवी सैनिकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा बंद करने की याचिका पर सुनवाई को राजी हो गया है। केंद्र सरकार की याचिका पर शीर्ष अदालत शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बुधवार को याचिका का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई का अनुरोध किया। मेहता ने कहा कि पिछली बार शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को पीड़ित परिवारों से संपर्क करने को कहा था, जिसके बाद उनसे संपर्क किया गया। उन्हें मुआवजा दिया जा चुका है और ऐसे में अब कुछ और निपटारा नहीं किया जाना है। पीठ ने मेहता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।
पिछले सात अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश दिया था। तब सरकार की ओर से बताया गया था कि केंद्र सरकार ने मामले में अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के फैसले को स्वीकार करने और उसका पालन करने का फैसला किया है।
संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन ऑन द सी ऑफ लॉ (यूएनसीएलओएस) के तहत गठित ट्रिब्यूनल ने 21 मई, 2020 को फैसला सुनाया था कि दो नौसैनिकों पर आपराधिक जांच इटली में होगी और भारत मुआवजे का हकदार होगा। इतालवी नौसैनिक मैसीमिलियानो लटोरे और सल्वातोर गिरोन पर 15 फरवरी, 2012 को केरल के दो मछुआरों की हत्या करने का आरोप है।