याचिकाकर्ता अधिकारियों का दावा था कि कैडर आवंटन में मनमानापूर्ण रवैया अपनाया गया है। कैडर से उनके कॅरियर पर असर पड़ेगा। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अधिकारियों की ओर से कैडर के दोबारा आवंटन में अधिक समय नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि अब यह इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाता है, जो कि कंप्यूटर प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर के माध्यम से होता है। अधिकारियों के पास इस संबंध में पहले से ही अपेक्षित डेटा है।