वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के कथित ट्वीट्स से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मंगलवार को भूषण के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया। इस मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। इस मामले में कोर्ट ने ट्विटर इंडिया के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरुण मिश्रा, बीआर गवई और कृष्ण मुरारी की पीठ बुधवार को प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ इस मामले की सुनवाई करेगी।
कोर्ट ने यह कदम न्यायपालिका के प्रति कथित रूप से अपमानजनक ट्वीट करने के मामले में उठाया है। प्रशांत भूषण न्यायपालिका से जुड़े मसले लगातार उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान दूसरे राज्यों से पलायन कर रहे कामगारों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के रवैये की तीखी आलोचना की थी।
इसके साथ ही भूषण ने भीमा-कोरेगांव मामले में आरोपी वरवर राव और सुधा भारद्वाज जैसे जेल में बंद नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे व्यवहार के बारे में बयान भी दिए थे। हालांकि, इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि भूषण के किस ट्वीट को पहली नजर में अदालत की अवमानना करने वाला माना गया है।