कुकी मानवाधिकार संगठन (KOHUR) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि लीक ऑडियो में पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की आवाज है, जिसमें वे हिंसा भड़काते सुनाई दे रहे हैं। पार्टी में बढ़ती बगावत और नाराजगी को देखते हुए एन बीरेन सिंह ने बीती फरवरी में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
मणिपुर के पूर्व सीएम बीरेन सिंह की लीक ऑडियो क्लिप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार की ओर से दाखिल फॉरेंसिक रिपोर्ट को देखा। इसके बाद कोर्ट ने मणिपुर सरकार से मामले की नई जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा। ऑडियो में कथित तौर पर पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की आवाज है, जिसमें वे लोगों को हिंसा के लिए भड़काते सुनाई दे रहे हैं।
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सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की। इसके बाद पीठ ने विधि अधिकारी से मामले की जांच के संबंध में राज्य के अधिकारियों से निर्देश लेने को कहा। इस पर विधि अधिकारी ने कहा कि हमें इसकी जांच के लिए एक महीने का समय चाहिए। साथ ही मामले को अब मणिपुर उच्च न्यायालय में उठाया जा सकता है, क्योंकि अब शांति कायम है और जांच जारी रह सकती है।
इस पर सीजेआई ने कहा कि हमें याचिकाकर्ताओं को अलग रखना चाहिए। यदि कुछ गलत हुआ है तो किसी को बचाने के बजाय हमें इसकी जांच करनी चाहिए। विधि अधिकारी इस बारे में अधिकारियों से बात करें। पीठ ने आदेश दिया कि सॉलिसिटर जनरल फिर से जांच के बाद नई रिपोर्ट दाखिल करने के बारे में नए निर्देश लें। पीठ ने अगली सुनवाई 21 जुलाई 2025 तय की।
चिंता न करें, वहां अब राष्ट्रपति शासन लगा है
याचिकाकर्ता कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट (कोहूर) के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि जांच पूर्व मुख्यमंत्री से संबंधित है और यह निष्पक्ष होनी चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा कि चिंता न कीजिए, अब वहां राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। इसके बाद उन्होंने कोहूर की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
याचिका में यह लगे आरोप
गौरतलब है कि कुकी मानवाधिकार संगठन (KOHUR) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि लीक ऑडियो में पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की आवाज है, जिसमें वे हिंसा भड़काते सुनाई दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पार्टी में बढ़ती बगावत और नाराजगी को देखते हुए एन बीरेन सिंह ने बीती फरवरी में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।
लीक ऑडियो को लेकर पूर्व सीएम पर लगे गंभीर आरोप
कुकी संगठन ने मणिपुर हिंसा में पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह की कथित संलिप्तता की जांच के लिए अदालत की निगरानी में एसआईटी गठित करने की मांग की थी। लीक ऑडियो में कथित तौर पर पूर्व सीएम मैतई संगठनों को भड़काते हुए और उन्हें सरकार के हथियार और गोला बारूद लूटने के लिए उकसाते सुनाई दे रहे हैं। प्रशांत भूषण ने अदालत में दावा किया कि ट्रुथ लैब ने ऑडियो में एन बीरेन सिंह की आवाज होने की पुष्टि की है, लेकिन अदालत ने ट्रुथ लैब की रिपोर्ट मानने से इनकार कर दिया।