सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें गोबरी नदी में अपशिष्ट जल के बहाव को नियंत्रित करने में विफल रहने पर ओडिशा की केंद्रपाड़ा नगरपालिका पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें गोबरी नदी में अपशिष्ट जल के बहाव को नियंत्रित करने में विफल रहने पर ओडिशा की केंद्रपाड़ा नगरपालिका पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने याचिका पर जवाब मांगते हुए केंद्र, ओडिशा सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया।
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पीठ ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक राष्ट्रीय हरित अधिकरण, पूर्वी क्षेत्र खंडपीठ, कोलकाता द्वारा पारित 13 जुलाई, 2022 के आदेश पर रोक रहेगी। शीर्ष अदालत ने मामले को फरवरी, 2023 के तीसरे सप्ताह में सुनवाई के लिए पोस्ट किया है। शीर्ष अदालत एनजीटी के 13 जुलाई के आदेश के खिलाफ केंद्रपाड़ा नगरपालिका द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें नगर निकाय के कार्यकारी अधिकारी को पर्यावरणीय मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था। ट्रिब्यूनल ने नदी में पानी की गुणवत्ता के संबंध में "खतरनाक स्थिति" पाई थी और कहा था कि प्रदूषकों और सीवेज के उच्च स्तर को जल निकाय में बहने दिया जाता है।