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OLX: ओएलएक्स को विक्रेता की पहचान उजागर करने के निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक 

Fri, 14 Jan 2022 06:58 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाईकोर्ट ने ओएलएक्स को निर्देश दिया कि वह वस्तुओं की बिक्री संबंधी सभी विज्ञापनों को डिलीट करे और उसके बाद वही विज्ञापन दिखाए जिसके साथ विक्रेता के दो पहचान पत्र हों।
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supreme court, सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani
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विस्तार
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सामान बिक्री और खरीदारी से जुड़ी वेबसाइट ओएलएक्स के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया है। हाईकोर्ट ने एक मामले में ओएलएक्स इंडिया को विक्रेता की सही पहचान जानने के लिए स्क्रीनिंग मैकेनिज्म लागू करने का निर्देश दिया था। मामला एक मोटरसाइकिल की बिक्री से जुड़ा हुआ है।

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सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने हाईकोर्ट के इस आदेश पर तात्कालिक रोक लगाते हुए ओएलएक्स को भी नोटिस जारी किया है जिसका जवाब कंपनी को चार मार्च तक देना है। मामला ओएलएक्स पर मोटरसाइकिल बेचने के लिए दिए गए विज्ञापन से जुड़ा हुआ है। बाद में पता चला कि जिस व्यक्ति ने विज्ञापन दिया था वह मोटरसाइकिल का मालिक था ही नहीं।

फर्जी सौदे के बाद मामला पुलिस थाने तक गया। इसके बाद मामले में हाईकोर्ट ने ओएलएक्स को निर्देश दिया कि वह वस्तुओं की बिक्री संबंधी सभी विज्ञापनों को डिलीट करे और उसके बाद वही विज्ञापन दिखाए जिसके साथ विक्रेता के दो पहचान पत्र हों। इससे खरीदार किसी तरह की धोखाधड़ी के शिकार होने से बच सकेंगे। हाईकोर्ट के निर्देश में विक्रेता के दो मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक करने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इन निर्देशों पर फिलहाल स्थगनादेश दे दिया है।

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