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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- कंजुरमार्ग संरक्षित वन भूमि नहीं

Fri, 01 Aug 2025 02:25 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

साल 2013 में वनशक्ति नामक एक ट्रस्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका दायर कर कंजुरमार्ग इलाके को संरक्षित वन होने से डी-नोटिफाई करने के सरकार के कदम को चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें मुंबई में कंजुरमार्ग इलाके की 120 हेक्टेयर जमीन को संरक्षित वन घोषित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब ग्रेटर मुंबई नगर पालिका का कंजुरमार्ग इलाके में कचरा डालने का रास्ता साफ हो गया है। 
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महाराष्ट्र सरकार के वकील ने दी ये दलीलें
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि इस इलाके का इस्तेमाल पहले भी कचरा डालने के लिए होता था और यह जगह गलती से संरक्षित वन घोषित हो गई थी। बाद में सरकार ने इसे डी-नोटिफाई कर दिया था। हालांकि उच्च न्यायालय ने इसे मानने से इनकार कर दिया। दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी। जब एक वकील ने इसका विरोध किया तो सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि तो फिर आप हमें बताइए कि कचरा कहां गिराया जाएगा। 

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साल 2013 में वनशक्ति नामक एक ट्रस्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष जनहित याचिका दायर कर कंजुरमार्ग इलाके को संरक्षित वन होने से डी-नोटिफाई करने के सरकार के कदम को चुनौती दी थी। हालांकि अब ये साफ होने के बाद कि यह क्षेत्र गलती से संरक्षित वन घोषित हो गया था तो सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को राहत दे दी। 

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