इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले को अगले हफ्ते तक टालने की गुहार की लेकिन पीठ ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मसले को टाला नहीं जा सकता। मेहता ने कहा कि याचिकाकर्ता इनाक्षी गांगुली और शांता सिन्हा हाईकोर्ट के चार जजों की कमेटी की रिपोर्ट को चुनौती नहीं दे सकतीं। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह भी गलत जानकारी दी है कि हाईकोर्ट में कामकाज नहीं हो रहा है।
आज भी जारी रहेगी सुनवाई
घाटी में मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ याचिका लगाने वालीं अनुराधा भसीन की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने पीठ के समक्ष कहा कि 90 दिनों से इंटरनेट, मोबाइल डाटा, एसएमएस सेवा बंद है। सार्वजनिक परिवहन सेवा पूरी तरह बहाल नहीं हुई है। संचार माध्यम न होने से याचिकाकर्ता अखबार प्रकाशित नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या आतंकी हिंसा और इंटरनेट के बीच नजदीकी गठजोड़ है? सुनवाई बुधवार को जारी रहेगी।