जयपुर राज परिवार के सदस्यों के बीच कीमती संपत्तियों के बंटवारे पर लंबे समय से चल रहा विवाद सुप्रीम कोर्ट ने निपटा दिया। कोर्ट ने सेवानिवृत्त जज कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त कर उनकी सीलबंद रिपोर्ट के आधार पर जय महल होटल और रामबाग होटल के स्वामित्व विवाद निपटाया।
लॉ फर्म प्राइम लीगल इंडिया के वकील अभिषेक कुमार राव ने बताया कि महारानी गायत्री देवी के वारिस उनके मुवक्किल महाराज देवराज और राजकुमारी लालित्य को अपने सौतेले अंकल से लग्जरी जय महल पैलेस होटल का स्वामित्व मिल जाएगा। यह 1997 से उनके पास था।
जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने पूर्व जस्टिस कुरियन को सितंबर 2021 को मध्यस्थ नियुक्त किया था। उन्होंने दोनों पार्टियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करा इसे 15 दिसंबर को कोर्ट में पेश कर दिया। इस पर दोनों पार्टियों के वकीलों ने अपनी अपीलें वापस लेने की अर्जी दी।
अदालत ने दोनों पक्षों को दृढ़ रहने की नसीहत देते हुए इनका निपटारा कर दिया। इससे पूर्व, राजकुमार देवराज और लालित्य कुमारी ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के 2018 के निर्णय को पिछले साल दायर अलग अपीलों में चुनौती दी थी।