सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने शुक्रवार को कहा कि शीर्ष अदालत ने सौम्या बलात्कार एवं हत्या मामले में ‘कानून के हिसाब से गंभीर गलती’ की है। इसमें आरोपी गोविंदाचामी की मौत की सजा को निरस्त कर दिया गया।
काटजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने गोविंदाचामी को हत्या का दोषी न ठहराकर कानून के हिसाब से गंभीर गलती की है।’ सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को गोविंदाचामी की मौत की सजा को निरस्त कर दिया था, लेकिन 23 वर्षीय सौम्या के साथ बलात्कार के आरोप में उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था।
यह घटना 1 फरवरी 2011 को हुई थी। त्रिशूर स्थित फास्ट ट्रैक अदालत ने गोविंदाचामी को मौत की सजा सुनाई थी। बाद में केरल उच्च न्यायालय ने उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा था।